Bangladesh Unrest LIVE: बांग्लादेश की राजनीति के लिए आज अहम दिन है, देश की राजनीति के बड़े चेहरे तारिक रहमान की स्वदेश वापसी हो गई है। वे पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के शीर्ष नेता हैं। वहीं पड़ोसी देश में हिंसा का दौर लगातार जारी है। बांग्लादेश के ताजा और पल-पल अपडेट्स के लिए यहां जुड़े रहिए…
ढाका हवाई अड्डे से रवाना हुए तारिक रहमान

बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं। बीएनपी स्थायी समिति के सदस्यों की तरफ से स्वागत किए जाने के बाद वे दोपहर 12:33 बजे हवाई अड्डे से निकले। जानकारी के मुताबिक, तारिक रहमान सीधे 300 फीट स्थित रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हुए। हवाई अड्डे की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, वे गुरुवार को दोपहर 12:35 बजे एक विशेष बस से सड़क मार्ग से रवाना हुए। उसी बस में बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और अन्य स्थायी समिति के सदस्य भी सवार थे।
इससे पहले, उनकी पत्नी और बेटियां एक अन्य वाहन से हवाई अड्डे से रवाना हो चुकी थीं। तारिक रहमान 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे और गुरुवार को सुबह 11:40 बजे ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर BG-202 बुधवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:15 बजे लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से रवाना हुआ था।
बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ढाका पहुंचे
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान गुरुवार को ढाका पहुंचे, जिससे 17 साल का उनका स्व-निर्वासन खत्म हो गया। रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है जब प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में अशांति और राजनीतिक अस्थिरता की एक नई लहर चल रही है। हादी ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाई थी।
बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। उनके साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान भी थीं। बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 वर्षीय बेटे रहमान, आने वाले फरवरी के आम चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। रहमान की बांग्लादेश वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जमात बांग्लादेश के टूटे-फूटे राजनीतिक परिदृश्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। बीएनपी ने 12 दिसंबर को रहमान की वापसी की घोषणा की, जिससे अटकलें लगने लगीं क्योंकि 29 नवंबर को एक फेसबुक पोस्ट में रहमान ने कहा था, ‘किसी भी बच्चे की तरह,’ वह अपनी गंभीर रूप से बीमार मां के संकट के क्षण में उनके पास रहना चाहते है
ढाका हवाई अड्डे की ओर बीएनपी समर्थकों का मार्च
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के समर्थक ढाका हवाई अड्डे की ओर मार्च कर रहे हैं, जहां पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान जल्द ही पहुंचने वाले हैं। वे 17 साल लंदन में निर्वासन में रहने के बाद बांग्लादेश लौट रहे हैं।
ढाका हवाई अड्डे पर पहुंची बुलेटप्रूफ बस
बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की वापसी से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच आज सुबह हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सीआईपी गेट पर एक बुलेटप्रूफ बस पहुंची। लाल और हरे रंग से रंगी इस विशेष रूप से तैयार की गई बस के किनारों पर बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया, तारिक रहमान और पार्टी संस्थापक जियाउर रहमान के बड़े चित्र लगे हैं। वाहन पर लोकतंत्र और राजनीतिक संघर्ष को उजागर करने वाले नारे भी प्रदर्शित हैं।
बस में मजबूत खिड़कियां लगी हैं और हवाई अड्डे के सीआईपी क्षेत्र में प्रवेश करते ही सुरक्षाकर्मी इसे घेरे हुए दिखाई दिए। नाम न बताने की शर्त पर बात करते हुए बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि हवाई अड्डे की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तारिक संभवतः बस में सवार होकर सीधे एवरकेयर अस्पताल जाएंगे, जहां वे अपनी बीमार मां से मिलेंगे। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल जाते समय वे 36 जुलाई एक्सप्रेसवे (जिसे 300 फीट रोड के नाम से भी जाना जाता है) पर एक सभा में संक्षिप्त भाषण देंगे। हवाई अड्डे और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और सेना, पुलिस, रैब और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सदस्यों को उनकी आवाजाही के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है
17 साल बाद घर लौटे तारिक रहमान
बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की एक फ्लाइट, जिसमें वे सवार थे, सिलहट के उस्मानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रुकी और सुबह करीब 9:58 बजे ढाका पहुंची। इससे पहले तारिक ने सुबह करीब 9:30 बजे अपने सत्यापित फेसबुक प्रोफाइल पर लिखा, ‘6,314 लंबे दिनों के बाद, बांग्लादेश के आसमान में।’ उनकी फ्लाइट के सुबह 11:50 बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने का कार्यक्रम है।
भारत के लिए क्यों मायने रखती है तारिक रहमान की वापसी?
इस समय बांग्लादेश राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। फरवरी में होने वाले चुनाव से पहले हालात तनावपूर्ण हैं। अवामी लीग, जिसे भारत के करीब माना जाता है, चुनाव नहीं लड़ रही। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के दौर में भारत से दूरी और पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ने के संकेत मिले हैं। कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी फिर से सक्रिय हुआ है, जिसे भारत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा मानता है। ऐसे में भारत को लगता है कि बीएनपी अपेक्षाकृत उदार और लोकतांत्रिक विकल्प हो सकती है, भले ही अतीत में भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास रही हो।
भारत-बीएनपी संबंधों में नरमी के संकेत
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीमार खालिदा जिया के प्रति चिंता जताई। बीएनपी ने इसके लिए आभार जताया। वर्षों बाद दोनों पक्षों के बीच यह एक सकारात्मक संदेश माना गया।
बांग्लादेश में अशांति और सियासत – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बुधवार शाम एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। मोगबाजार इलाके में स्थित एक फ्लाईओवर से असामाजिक तत्वों ने नीचे देसी बम (क्रूड बम) फेंका, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब देश पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक तनाव से गुजर रहा है।
एक स्थानीय अखबार के अनुसार, मृतक की पहचान 21 वर्षीय सियाम मजूमदार के रूप में हुई है। वह एक स्थानीय मोटर पार्ट्स की दुकान में काम करता था। बताया गया कि सियाम फ्लाईओवर के नीचे एक चाय की दुकान पर चाय पी रहा था, तभी ऊपर से फेंका गया बम उसके पास आकर फटा। धमाका इतना तेज था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हातिरझील थाने के इंस्पेक्टर (ऑपरेशंस) मोहम्मद मोहीउद्दीन ने बताया कि बम फ्लाईओवर से अज्ञात लोगों द्वारा फेंका गया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई ह
ढाका में बीएनपी और तारिक रहमान शक्ति प्रदर्शन
तारिक रहमान आज दोपहर ढाका पहुंचेंगे। पार्टी के लाखों समर्थक एयरपोर्ट से उनके घर तक रोड शो में शामिल होंगे। वहीं सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। सरकार ने विशेष ट्रेनें चलाई हैं ताकि समर्थक राजधानी पहुंच सकें। हालांकि, कट्टरपंथी तत्व इस शक्ति प्रदर्शन से खुश नहीं हैं। चुनाव से पहले बीएनपी और जमात के बीच टकराव की आशंका भी जताई जा रही है।
कौन हैं तारिक रहमान?
वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 2008 से लंदन में रह रहे थे और वहीं से बीएनपी का नेतृत्व कर रहे थे। उन पर भ्रष्टाचार और 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले जैसे मामलों में सजा सुनाई गई थी। बीएनपी का कहना है कि ये मामले राजनीतिक बदले की कार्रवाई थे। तारिक रहमान की वापसी बीएनपी के लिए नई ऊर्जा है, लेकिन चुनौती बड़ी है, पार्टी को एकजुट रखना, युवाओं का भरोसा जीतना, हिंसा और अस्थिरता से जूझ रहे देश को स्थिर दिशा देना।
जमात से दूरी, यूनुस पर सवाल
तारिक रहमान ने साफ कहा है कि वे जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन नहीं करेंगे। उन्होंने यूनुस सरकार पर भी सवाल उठाए हैं कि वह लंबे समय की विदेश नीति तय करने का अधिकार नहीं रखती। उन्होंने अपनी विदेश नीति को बांग्लादेश फर्स्ट बताया है- ‘ना दिल्ली, ना पिंडी (रावलपिंडी), सबसे पहले बांग्लादेश।’ यह बयान भारत के लिए संकेत है कि बीएनपी पाकिस्तान की ओर झुकाव से दूरी बना सकती
Bangladesh Unrest LIVE: तारिक रहमान के स्वागत में उमड़ी समर्थकों की भीड़; थोड़ी देर में रैली को करेंगे संबोधित
बांग्लादेश में पिछले साल शेख हसीना सरकार के वक्त शुरू हुई हिंसात्मक घटनाएं अब भी एक साये की तरह देश में व्याप्त हैं। भले ही दावा किया गया कि अंतरिम सरकार के शासनकाल में इन पर लगाम लगी और शांति कायम हुई, लेकिन ये सच्चाई से परे हैं। फिलहाल करीब एक महीने से इनमें बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली है। अब बांग्लादेश में आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है, वहीं पूर्व पीएम खालिदा जिया की हालात चिंताजनक बनी हुई है। इन सबके बीच कभी बांग्लादेश की राजनीति का डार्क प्रिंस कहे गए, तारिक रहमान, 17 साल बाद स्वदेश लौट रहे हैं। गुरुवार को उनकी ढाका वापसी को बांग्लादेश की राजनीति में एक निर्णायक पल माना जा रहा है।