बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने जा रहे ये ऐतिहासिक चुनाव केवल एक राजनीतिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक नए बांग्लादेश के निर्माण की नींव हैं. 51 राजनीतिक दलों और 2000 उम्मीदवारों की मौजूदगी ने इस चुनावी दंगल को बहुकोणीय बना दिया है, जहां धान की बाली (BNP) और तराजू (जमात) जैसे पारंपरिक चिह्न का मुकाबला कमल की कली (NCP) जैसे नए चुनावी चिह्न से है. इस बार की चुनावी प्रक्रिया में संवैधानिक सुधारों के लिए होने वाला जनमत संग्रह (Referendum) इसे और भी खास बनाता है.

ढाका: बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव कल यानी 12 फरवरी 2026 को होने जा रहे हैं. 2024 के जन-विद्रोह और शेख हसीना के इस्तीफे के बाद यह देश का पहला आम चुनाव है. इस बार चुनावी मैदान में कुल 51 राजनीतिक दल और लगभग 2,000 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी, अवामी लीग, इस बार चुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है क्योंकि चुनाव आयोग ने उसकी पंजीकरण निलंबित कर दी है. आगे जानें इस बार के चुनावों में कौन सी बड़ी पार्टियां मैदान में हैं और उनका चुनाव चिह्न क्या है.
2026 के चुनावों के प्रमुख दलों, उनके गठबंधन और चुनाव चिह्नों की लिस्ट-
प्रमुख गठबंधन और उनकी स्थिति क्या है?
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला दो बड़े समूहों के बीच माना जा रहा है. आगे जानें चुनाव जीतने की सूरत में बीएनपी और जमात कैसे सरकार खड़ी करेंगी?
- BNP गठबंधन: तारिक रहमान के नेतृत्व में यह गठबंधन 300 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है. इसमें ‘गोनो अधिकार परिषद’ और ‘नेशनल पीपुल्स पार्टी’ जैसे दल शामिल हैं.
- 11-दलीय गठबंधन: इसका नेतृत्व जमात-ए-इस्लामी और छात्र आंदोलन से उभरी नई पार्टी NCP कर रही है। यह गठबंधन लगभग 298 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है.
- नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट: जातीय पार्टी (इरशाद) के नेतृत्व वाला यह मोर्चा 206 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है.
| राजनीतिक दल | चुनाव चिह्न | लीडर |
| बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) | धान की बाली | तारिक रहमान |
| बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी | तराजू | शफीकुर रहमान |
| इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश | हाथ पंखा | सैयद रजाउल करीम |
| जातीय पार्टी | हल | जीएम कादर |
| नेशनल सिटीजन पार्टी | कमल की कली | नाहिद इस्लाम |
| कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश | दरांती और हथौड़ा | काजी सज्जाद जहीर चंदन |
चुनाव का पूरा टाइम टेबल
- मतदान का समय: सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक.
- दोहरे मतपत्र: इस बार मतदाताओं को दो मतपत्र दिए जाएंगे. एक सफेद मतपत्र (संसदीय चुनाव के लिए) और एक गुलाबी मतपत्र (संवैधानिक सुधारों के लिए जनमत संग्रह/Referendum).
- कुल सीटें: संसद (जातीय संगसाद) में कुल 350 सीटें हैं, जिनमें से 300 पर सीधा चुनाव होता है और 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं.