विदेश मंत्रालय ने देश के भगोड़ों को वापस लाने को लेकर एकबार फिर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय की तरफ से यह प्रतिक्रिया विजय माल्या और ललित मोदी के वीडियो के कुछ दिन बाद आई है। वीडियो में ललित मोदी और विजय माल्या खुद को ‘भारत के सबसे बड़े दो भगोड़े’ बताया था।

नई दिल्ली : लंदन में एक पार्टी में भगोड़े ललित मोदी और विजय माल्या को दिखाते हुए सामने आए एक वीडियो विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को दोहराया कि भारत कानून द्वारा वांटेंड लोगों को देश में न्याय का सामना कराने के लिए वापस लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं कि जो लोग भगोड़े हैं और भारत में कानून द्वारा वांछित हैं, वे देश लौटें। इस वापसी के लिए, हम कई सरकारों के साथ बातचीत कर रहे हैं, और प्रक्रियाएं जारी हैं।
कई तरह की कानूनी प्रक्रियाएं
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इसमें कई कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं, लेकिन उन्होंने ऐसे लोगों को भारत वापस लाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। जायसवाल ने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, इनमें से कई मामलों में कई तरह की कानूनी प्रक्रियाएं शामिल हैं। लेकिन हम उन्हें देश वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि वे यहां कोर्ट में मुकदमों का सामना कर सकें।
ललित मोदी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था वीडियो
MEA का यह बयान ललित मोदी के इंस्टाग्राम पर माल्या के 70वें जन्मदिन के जश्न का एक वीडियो शेयर करने के कुछ दिनों बाद आया है। वीडियो में ललित मोदी ने खुद को और अपने साथी विजय माल्य को ‘भारत के दो सबसे बड़े भगोड़े’ बताया था। उन्होंने कैप्शन में लिखा, ‘चलो इंटरनेट पर फिर से कुछ धमाल करते हैं। जन्मदिन मुबारक हो मेरे दोस्त #विजयमाल्या। लव यू।
मोदी ने लंदन के बेलग्रेव स्क्वायर में अपने आलीशान छह-बेडरूम वाले घर में यह सेलिब्रेशन होस्ट किया, जो UK के सबसे महंगे इलाकों में से एक है। माल्या के कई साथी पार्टी में शामिल होने के लिए भारत से आए थे।
2016 में भारत छोड़कर यूके गए थे माल्या
18 दिसंबर को 70 साल के हुए विजय माल्या बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक हैं। वह पहले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बेंगलुरु फ्रेंचाइजी के मालिक थे। उन पर हजारों करोड़ रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ियों और लोन डिफॉल्ट के कई मामले दर्ज होने के बाद वह 2016 में भारत छोड़कर UK चले गए थे।
वहीं, ललित मोदी, जो पूर्व क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेटर और IPL के फाउंडर हैं। लीग के शुरुआती सालों में कथित वित्तीय गड़बड़ियों और अनियमितताओं की जांच शुरू होने के बाद 2010 में भारत छोड़कर चले गए थे।