Macron India Visit: ‘प्यारे दोस्त मैक्रों…’, पीएम मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति का किया स्वागत, कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे का स्वागत किया। तीन दिवसीय दौरे में मुंबई और दिल्ली में दोनों नेता द्विपक्षीय और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करके भारत यात्रा पर आए फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का स्वागत किया। पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा ‘भारत में आपका स्वागत है! भारत आपके आने और हमारे आपसी रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का इंतजार कर रहा है, मुझे पूरा भरोसा है कि हमारी बातचीत से अलग-अलग सेक्टर में सहयोग और मजबूत होगा और दुनिया भर में तरक्की में मदद मिलेगी। मुंबई में और बाद में दिल्ली में मिलते हैं, मेरे प्यारे दोस्त इमैनुएल मैक्रों।

गौरतलब है कि फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और प्रथम महिला ब्रिजिट मैक्रों मंगलवार को भारत यात्रा के लिए मुंबई पहुंचे। उनकी यह यात्रा 19 फरवरी तक चलेगी। फ्रांसीसी राष्ट्रपति और प्रथम महिला का मुंबई के हवाई अड्डे पर महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वागत किया।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में होंगे शामिल
राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त रूप से इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर साझेदारी बढ़ाने पर जोर रहेगा। दोनों नेता भारत-फ्रांस नवाचार फोरम के तहत नवाचार, स्टार्ट-अप सहयोग, उच्च शिक्षा और अनुसंधान में संयुक्त परियोजनाओं पर ठोस फैसले भी सकते हैं।

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114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा होगा केंद्र
मैक्रों की इस यात्रा का सबसे बड़ा सामरिक आकर्षण 114 राफेल लड़ाकू विमानों का मेगा रक्षा सौदा हो सकता है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये के इस सौदे को रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से हाल ही में मंजूरी मिली है। दोनों नेता संयुक्त रूप से कर्नाटक के वेमगल में टाटा एयरबस की एच125 लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (एलयूएच) की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन भी करेंगे।

अन्य मुद्दों पर भी होगी वार्ता
पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, संयुक्त नौसैनिक अभ्यास व खुफिया साझेदारी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दे केंद्र में रहने की उम्मीद है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी से आगे बढ़ाकर व्यापक वैश्विक साझेदारी का रूप दिया है।

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