
बांग्लादेश में घुसपैठिए और आतंकवाद के आरोपों पर ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जोरदार पलटवार किया है। जब गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि बंगाल में आतंकी नेटवर्क काम कर रहे हैं तो ममता ने सवाल उठाया कि क्या पहलगाम हमला केंद्र सरकार ने करवाया था? ममता ने पूछा कि अगर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया है तो पहलगाम में आतंकी हमला कैसे हुआ?
बांकुड़ा जिले के बिरसिंहपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महाभारत के खलनायकों दुर्योधन और दुशासन से तुलना की। ममता ने हर चुनाव से पहले ‘शोनार बांग्ला’ यानी समृद्ध पश्चिम बंगाल बनाने के बीजेपी के दावे का भी मज़ाक उड़ाया। उन्होंने कहा, “हर चुनाव में बीजेपी ‘शोनार बांग्ला’ बनाने का वादा करती है। बीजेपी शासित सभी राज्यों में बंगाली बोलने वाले लोगों पर अत्याचार हो रहे हैं, वे ‘शोनार बांग्ला’ कैसे बनाएंगे?” यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमित शाह ने बंगाल को घुसपैठियों और आतंकवादियों का केंद्र बताया।
यह राजनीतिक लड़ाई 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले और तेज हो गई है। अमित शाह इन दिनों बंगाल के तीन दिन के दौरे पर हैं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी 20 दिसंबर को यहाँ आए थे।
अमित शाह ने क्या आरोप लगाए?
अमित शाह ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ममता सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में पिछले 14 साल से डर और भ्रष्टाचार का राज है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठ रुकवाने के लिए बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगानी है, लेकिन ममता सरकार जमीन नहीं दे रही। इससे बंगाल आतंकवादियों और घुसपैठियों का सुरक्षित ठिकाना बन गया है। शाह ने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकी खतरनाक तरीके से बदल रही है। यह सिर्फ बंगाल की नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने कहा कि चुन चुन कर बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।
ममता का शाह पर पलटवार
रैली में ममता ने प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की ओर इशारा करते हुए गुस्से में कहा, ‘शकुनि का शिष्य दुशासन बंगाल आया है जानकारी इकट्ठा करने। चुनाव आते ही दुशासन और दुर्योधन नजर आने लगते हैं।’
घुसपैठ के आरोप पर ममता ने तंज कसा, “वे कहते हैं कि घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से आते हैं। अगर ऐसा है तो पहलगाम में हमला किसने किया? क्या आपने ही करवाया? दिल्ली में जो घटना हुई, उसके पीछे कौन था?’ यहां ममता का इशारा अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की ओर था, जिसमें पाकिस्तान समर्थित लश्कर आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी थी। नवंबर में दिल्ली के लाल किले के पास जैश-ए-मोहम्मद के फंडेड मॉड्यूल ने कार बम से 15 लोगों को मार डाला था।
सीमा पर बाड़ लगाने के आरोप पर ममता ने कहा, ‘सारी रेल परियोजनाएं इसलिए हुईं क्योंकि राज्य ने जमीन दी। पेट्रापोल और चांग्राबंदा में सीमा पर जमीन पहले ही दे दी गई है।’
एसआईआर से गरीबों का उत्पीड़न: ममता
ममता बनर्जी ने केंद्र पर विशेष गहन संशोधन यानी एसआईआर को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर गरीबों को परेशान किया जा रहा है। एआई का इस्तेमाल करके बड़ा घोटाला हो रहा है। मतुआ और आदिवासी जैसे समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। बंगालियों को वोट देने से वंचित करने की साजिश है। ममता ने कहा, ‘SIR से 1.5 करोड़ नाम काटने की तैयारी है। कई बीएलओ तनाव से आत्महत्या कर चुके हैं।’
चुनाव आयोग ने SIR के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट लिस्ट में 58 लाख से ज्यादा नाम हटाए हैं। बीजेपी का कहना है कि ये फर्जी वोटर हैं, जबकि तृणमूल कह रही है कि यह वैध वोटरों को हटाने की कोशिश है। ममता ने चेतावनी दी कि अगर एक भी वैध वोटर का नाम कटा तो दिल्ली में चुनाव आयोग का घेराव करेंगे।
बंगाली मजदूरों पर हमले का मुद्दा
ममता ने ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बंगाली प्रवासी मजदूरों पर हो रहे कथित अत्याचारों का भी जिक्र किया। पिछले हफ्ते ओडिशा के संबलपुर में 19 साल के जुवेल शेख को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। भीड़ ने उन्हें बांग्लादेशी समझा था।
बीजेपी बंगाल में तृणमूल को हटाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। घुसपैठ, भ्रष्टाचार और एसआईआर जैसे मुद्दे चुनावी हथियार बन गए हैं। आने वाले महीनों में राजनीतिक तापमान और बढ़ेगा।