राज्‍यसभा में 121 तो लोकसभा में 111 फीसद रही प्रोडक्टिविटी, पॉल्‍यूशन पर क्‍यों नहीं हुई चर्चा, इनसाइड स्‍टोरी

Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार 19 दिसंबर 2025 को समाप्‍त हो गया. इस बार राज्‍यसभा में काम करने की उत्‍पादकता 121 तो लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 111 फीसद रही. हलांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी एयर पॉल्‍यूशन पर चर्चा नहीं हो सकी

Parliament Winter Session: राज्यसभा के 269वें सत्र का शुक्रवार को समापन हो गया. इससे पहले राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को बताया कि इस सत्र में सदन का संसदीय कामकाज बेहतर रहा और सदन की उत्पादकता 121 प्रतिशत रही. उन्होंने बताया कि संपूर्ण रूप से, सदन ने कुल लगभग 92 घंटे कार्य किया और इस सत्र की उत्पादकता 121 प्रतिशत रही. सत्र के समापन पर उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति ने सदन की कार्यवाही, उपलब्धियों और चुनौतियों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला. दूसरी तरफ लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला ने कहा कि हम 18वीं लोकसभा के छठे सत्र के अंत पर पहुंच चुके हैं. इस अवधि में सदन की 15 बैठकों का आयोजन किया गया. इस दौरान विभिन्न विधायी और अन्य कार्यों के चलते इस सत्र की उत्पादकता लगभग 111 प्रतिशत रही. हालांकि, एयर पॉल्‍यूशन पर चर्चा नहीं हो सकी. सदन के सदस्‍यों ने शिवराज सिंह चौहान के संबोधन के दौरान हाउस में बिल की प्रतियां फाड़ कर उड़ाने का हवाला देते हुए कहा कि इससे माहौल खराब हो गया है. इसके बाद लोकसभा के स्‍पीकर ओम बिरला ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र का समापन कर दिया.

बता दें कि राज्‍यसभा के सभापति के रूप में सीपी राधाकृष्णन का यह पहला सत्र था. उन्होंने कहा कि सदन ने पांच दिनों तक देर तक बैठने या भोजनावकाश छोड़कर काम करने का निर्णय लिया गया, जिससे विधायी और अन्य कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके. इस सत्र में शून्यकाल में दिए गए नोटिसों की संख्या अभूतपूर्व रही. राज्यसभा में प्रतिदिन औसतन 84 नोटिस प्राप्त हुए, जो पिछले दो सत्रों की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है. शून्यकाल में प्रतिदिन औसतन 15 से अधिक मुद्दे उठाए गए, जो पिछले सत्रों की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है. इसके अलावा, सत्र के दौरान 58 स्टार्ड प्रश्न, 208 शून्यकाल सबमिशन, 87 स्पेशल मेंशन उठाए गए. राज्यसभा में महत्वपूर्ण बहस हुईं. इनमें ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष और चुनाव सुधार पर चर्चा शामिल है. राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर दो दिनों तक विशेष चर्चा हुई जिसमें 82 सदस्यों ने भाग लिया. चुनाव सुधार पर तीन दिनों तक चली बहस में 57 सदस्यों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए. विधायी कार्यों की बात करें तो सत्र के दौरान सदन ने 8 विधेयक पारित व वापस किए. जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 से संबंधित सांविधिक संकल्प को भी पारित किया. इसमें कुल 212 सदस्यों ने भाग लिया.

लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 111 प्रतिशत

लोकसभा का छठा सत्र शुक्रवार को औपचारिक रूप से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. सत्र की कार्यवाही समाप्ति से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए इस सत्र की उपलब्धियों, कार्य संस्कृति और सांसदों के सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया. ओम बिरला ने कहा कि हम 18वीं लोकसभा के छठे सत्र के अंत पर पहुंच चुके हैं. इस अवधि में सदन की 15 बैठकों का आयोजन किया गया. इस दौरान विभिन्न विधायी और अन्य कार्यों के चलते इस सत्र की उत्पादकता लगभग 111 प्रतिशत रही. उन्होंने कहा, ‘माननीय सदस्यगण, अब हम 18वीं लोक लोकसभा के छठे सत्र की समाप्ति की ओर आ गए हैं. इस सत्र में हमने 15 बैठकें कीं. आप सभी के सहयोग से इस सत्र में सभा की उत्पादकता लगभग 111 प्रतिशत रही. इसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूं.’ अध्यक्ष ने आगे सभी सदस्यों से निवेदन किया कि वे ‘वंदे मातरम’ की धुन के सम्मान में अपने स्थान पर खड़े हों. इसके बाद औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जाती है.

क्‍या बोले संसदीय कार्य मंत्री?

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शीतकालीन सत्र के समापन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सत्र को बेहद प्रोडक्टिव बताया. उन्होंने कहा कि इस सत्र में पारित किए गए विधेयक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएंगे. रिजिजू के मुताबिक सरकार ने सुधारों की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं और रिफॉर्म एक्सप्रेस अब चल चुकी है, जो रुकने वाली नहीं है. रिजिजू ने कहा कि सुधारों के तहत जी राम जी (GRAMJI) बिल को पारित किया गया है, जो एक क्रांतिकारी कदम है. यह बिल खास तौर पर मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार और लूट-खसोट पर रोक लगाने के लिए लाया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़ा एक बड़ा और अहम बिल भी इस सत्र में पारित हुआ है, जिससे बीमा क्षेत्र में सुधार आएगा और आम लोगों को लाभ मिलेगा. रिजिजू ने विपक्ष की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि सरकार चर्चा में भाग लेने के लिए विपक्ष को धन्यवाद देती है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण जैसे अहम मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं हो सकी, क्योंकि हंगामे की स्थिति बनी रही. रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने ही प्रदूषण पर चर्चा से मना कर दिया और अन्य दलों को भी भड़काया. उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन विपक्ष के रुख के कारण बहस संभव नहीं

First Published :

December 19, 2025,

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